नई दिल्ली: ममता बनर्जी के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा न देने के फैसले को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। इस बीच संजय राउत ने खुलकर उनका समर्थन किया है और इसे पूरी तरह उचित ठहराया है।
राउत ने कहा कि ममता बनर्जी का यह निर्णय सही है, क्योंकि उन्होंने चुनाव में अपनी व्यक्तिगत हार स्वीकार नहीं की है, ऐसे में मुख्यमंत्री पद छोड़ने का सवाल ही नहीं उठता।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए उद्धव ठाकरे से जुड़े मामले का जिक्र किया। राउत ने लिखा कि तत्कालीन CJI डी.वाई. चंद्रचूड़ के फैसले में स्पष्ट हुआ था कि उद्धव ठाकरे को इसलिए बहाल नहीं किया गया क्योंकि उन्होंने स्वयं इस्तीफा दे दिया था। राउत ने कहा कि इस उदाहरण से यह साफ है कि जब तक कोई नेता खुद पद नहीं छोड़ता, तब तक उसके अधिकार बने रहते हैं।
इंडिया अलायंस का समर्थन
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राउत ने बताया कि राहुल गांधी और उद्धव ठाकरे समेत कई विपक्षी नेताओं ने ममता बनर्जी से बातचीत की है। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन पूरी मजबूती के साथ ममता बनर्जी के साथ खड़ा है और आगे भी रहेगा। राउत ने राहुल गांधी के बयान का हवाला देते हुए कहा कि अगर कोई यह मान रहा है कि ममता बनर्जी की हार लोकतंत्र की जीत है, तो यह सोच गलत है। यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
तमिलनाडु राजनीति पर भी टिप्पणी
तमिलनाडु की राजनीति पर प्रतिक्रिया देते हुए राउत ने कहा कि जब कोई तीसरी ताकत उभरती है तो पारंपरिक वोट बैंक प्रभावित होता है। ऐसे हालात में वोटरों का इधर-उधर जाना सामान्य बात है।